menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सदार्चितं चन्दनचूर्णशाय़िनं; सुवर्णनालीशय़नं महाविषम् |  ६   क
प्रदीप्तमैरावतवंशसम्भवं; शिरो जिहीर्षुर्युधि फल्गुनस्य ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति