menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ६७
chevron_left
chevron_right
यम उवाच
रत्नदानं च सुमहत्पुण्यमुक्तं जनाधिप |  २८   क
तानि विक्रीय़ यजते व्राह्मणो ह्यभय़ङ्करः ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति