menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ते चापि कौरवीं सेनां निमेषार्धात्कुरूद्वह |  ४   क
क्षपय़ेय़ुर्महावाहो न स्याम यदि संय़ुगे ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति