menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ६७
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
प्रिय़ो वहुमतश्चाहं नर्तको गीतकोविदः |  ३   क
आचार्यवच्च मां नित्यं मन्यते दुहिता तव ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति