menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
जघान चास्थितं वीरं श्रुताय़ुधममर्षणम् |  ५३   क
हत्वा श्रुताय़ुधं वीरं जगतीमन्वपद्यत ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति