menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ९९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सर्वलोकेश्वराः शूरास्तत्र तत्र विशां पते |  २३   क
विप्रद्रुता व्यदृश्यन्त प्राकृता इव मानवाः ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति