menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
यदा राजा धुरं श्रेष्ठामादाय़ वहति प्रजाः |  ३६   क
महता वलय़ोगेन तदा लोकः प्रसीदति ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति