menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
यः क्षुद्भय़ाद्वै न विकर्म कुर्या; न्मृदुर्दान्तश्चातिथेय़श्च नित्यम् |  २०   क
वृत्तिं विप्राय़ातिसृजेत तस्मै; यस्तुल्यशीलश्च सपुत्रदारः ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति