menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स वाजिरथमातङ्गान्निघ्नन्व्यचरदर्जुनः |  ५२   क
प्रभिन्न इव मातङ्गो मृद्नन्नडवनं यथा ||  ५२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति