menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
दैवं तु यत्तत्स्ववशं प्रवृत्तं; तत्पाण्डवान्पाति हिनस्ति चास्मान् |  १०   क
तवार्थसिद्ध्यर्थकरा हि सर्वे; प्रसह्य वीरा निहता द्विषद्भिः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति