menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
नराश्वमातङ्गशरीरजेन; रक्तेन सिक्ता रुधिरेण भूमिः |  ३४   क
रक्ताम्वरस्रक्तपनीय़योगा; न्नारी प्रकाशा इव सर्वगम्या ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति