menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पाञ्चजन्यस्य निर्घोषो देवदत्तस्य चोभय़ोः |  ५७   क
पृथिवीमन्तरिक्षं च द्यामपश्चाप्यपूरय़त् ||  ५७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति