आदि पर्व  अध्याय १७९

वैशम्पाय़न उवाच

अव्भक्षा वाय़ुभक्षाश्च फलाहारा दृढव्रताः |  १२   क
दुर्वला हि वलीय़ांसो विप्रा हि व्रह्मतेजसा ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति