सभा पर्व  अध्याय ६९

विदुर उवाच

संय़न्ता सहदेवस्तु धौम्यो व्रह्मविदुत्तमः |  ९   क
धर्मार्थकुशला चैव द्रौपदी धर्मचारिणी ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति