menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
chevron_left
chevron_right
द्रोण उवाच
रक्ष्या मे सततं देवाः सहेन्द्राः सद्विजातय़ः |  ५३   क
त्वष्टुः सुदुर्धरं तेजो येन वृत्रो विनिर्मितः ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति