menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
दिष्ट्या तात मनस्तेऽद्य स्वधर्ममनुवर्तते |  ८   क
आनृशंस्ये च ते दिष्ट्या वुद्धिः सततमच्युत ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति