menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३११
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अन्तरिक्षाच्च कौरव्य दण्डः कृष्णाजिनं च ह |  १३   क
पपात भुवि राजेन्द्र शुकस्यार्थे महात्मनः ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति