सभा पर्व  अध्याय १३

श्रीकृष्ण उवाच

सोऽपि राजा जरासन्धो यिय़क्षुर्वसुधाधिपैः |  ६३   क
आराध्य हि महादेवं निर्जितास्तेन पार्थिवाः ||  ६३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति