सभा पर्व  अध्याय ७१

विदुर उवाच

ज्वालावर्णो देवदत्तो धनुष्मान्कवची शरी |  ४०   क
मर्त्यधर्मतय़ा तस्मादिति मां भय़माविशत् ||  ४०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति