menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तमव्रवीत्तदा कर्णः शृणु मे राजकुञ्जर |  १५   क
पादौ न धावय़े तावद्यावन्न निहतोऽर्जुनः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति