भीष्म पर्व  अध्याय ७१

सञ्जय़ उवाच

एवमेतन्महाव्यूहं व्यूह्य भारत पाण्डवाः |  १२   क
सूर्योदय़े महाराज पुनर्युद्धाय़ दंशिताः ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति