आदि पर्व  अध्याय ७२

कच उवाच

पूज्यो मान्यश्च भगवान्यथा तव पिता मम |  ६   क
तथा त्वमनवद्याङ्गि पूजनीय़तरा मम ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति