सभा पर्व  अध्याय ७२

धृतराष्ट्र उवाच

तथा हि वलवान्राजा जरासन्धो महाद्युतिः |  ३४   क
वाहुप्रहरणेनैव भीमेन निहतो युधि ||  ३४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति