menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
इत्येवमुच्चै राजेन्द्र भाषमाणं वृकोदरम् |  ३५   क
उवाच वीतभी राजन्पुत्रस्ते सत्यविक्रमः ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति