menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ७३
chevron_left
chevron_right
वाय़ुरु उवाच
विप्रस्य सर्वमेवैतद्यत्किञ्चिज्जगतीगतम् |  १०   क
ज्येष्ठेनाभिजनेनेह तद्धर्मकुशला विदुः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति