अनुशासन पर्व  अध्याय ४६

भीष्म उवाच

यदि वै स्त्री न रोचेत पुमांसं न प्रमोदय़ेत् |  ४   क
अमोदनात्पुनः पुंसः प्रजनं न प्रवर्धते ||  ४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति