menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ७३
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
वहुशः सम्पतन्तीं त्वां जनः शङ्केत दोषतः |  २८   क
वय़ं च देशातिथय़ो गच्छ भद्रे नमोऽस्तु ते ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति