menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततोऽस्य संय़ुगे द्रोणो दृष्ट्वा कर्मातिमानुषम् |  ३६   क
युय़ुधानस्य राजेन्द्र मनसेदमचिन्तय़त् ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति