menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
दुःशासनं पुरस्कृत्य राजपुत्राः सहस्रशः |  ५१   क
द्रोणमभ्युपपद्यन्त सपत्नैः परिवारितम् ||  ५१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति