आदि पर्व  अध्याय ७४

देवय़ान्यु उवाच

वेदाहं तात वालापि धर्माणां यदिहान्तरम् |  ८   क
अक्रोधे चातिवादे च वेद चापि वलावलम् ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति