menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ७४
chevron_left
chevron_right
कश्यप उवाच
अव्रह्मचारी चरणादपेतो; यदा व्रह्मा व्रह्मणि त्राणमिच्छेत् |  १५   क
आश्चर्यशो वर्षति तत्र देव; स्तत्राभीक्ष्णं दुःसहाश्चाविशन्ति ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति