अनुशासन पर्व  अध्याय ७४

भीष्म उवाच

यज्ञशूरा दमे शूराः सत्यशूरास्तथापरे |  २३   क
युद्धशूरास्तथैवोक्ता दानशूराश्च मानवाः ||  २३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति