उद्योग पर्व  अध्याय ७४

वैशम्पाय़न उवाच

सर्वथा नार्यकर्मैतत्प्रशंसा स्वय़मात्मनः |  ६   क
अतिवादापविद्धस्तु वक्ष्यामि वलमात्मनः ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति