menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
असुराणां पुराण्यासंस्त्रीणि वीर्यवतां दिवि |  ५२   क
आय़सं राजतं चैव सौवर्णमपरं महत् ||  ५२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति