menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
श्रान्तं चैनं समालक्ष्य ज्ञात्वा दूरे च सैन्धवम् |  ३४   क
सिंहनादेन महता सर्वतः पर्यवारय़न् ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति