menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शरार्दिताश्च ग्लानाश्च हय़ा दूरे च सैन्धवः |  ३६   क
किमिहानन्तरं कार्यं ज्याय़िष्ठं तव रोचते ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति