उद्योग पर्व  अध्याय ७५

भगवानु उवाच

अन्यथा परिदृष्टानि कविभिर्दोषदर्शिभिः |  ७   क
अन्यथा परिवर्तन्ते वेगा इव नभस्वतः ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति