menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
साञ्जलिं तु ततः कृत्वा पुण्डरीकनिभेक्षणा |  १७   क
विव्यथे सुविरूढेव लता वाय़ुसमीरिता ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति