वन पर्व  अध्याय ७६

वृहदश्व उवाच

तमानाय़्य नलो राजा क्षमय़ामास पार्थिवम् |  ९   क
स च तं क्षमय़ामास हेतुभिर्वुद्धिसंमतः ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति