menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
कृप उवाच
रागात्क्रोधाद्भय़ाल्लोभाद्योऽर्थानीहेत मानवः |  २४   क
अनीशश्चावमानी च स शीघ्रं भ्रश्यते श्रिय़ः ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति