भीष्म पर्व  अध्याय ७७

सञ्जय़ उवाच

अद्यैतान्पातय़िष्यामि पश्यतस्ते जनार्दन |  ३५   क
य इमे मां यदुश्रेष्ठ योद्धुकामा रणाजिरे ||  ३५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति