आदि पर्व  अध्याय ७७

वैशम्पाय़न उवाच

देवय़ान्या तु सहितः स नृपो नहुषात्मजः |  ४   क
विजहार वहूनव्दान्देववन्मुदितो भृशम् ||  ४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति