menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
परिदृष्टेषु चाहःसु पुत्राणां श्राद्धकर्मणि |  ५   क
ददातु राजा सर्वेषां यावदस्य चिकीर्षितम् ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति