menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७७
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
दिष्ट्यैष तव वाणानां गोचरे परिवर्तते |  १५   क
प्रतिघाताय़ कार्यस्य दिष्ट्या च यततेऽग्रतः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति