menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
भद्रं ते यादवीमातर्वाक्यं चेदं निवोध मे |  १४   क
सुखमस्म्युषितः पुत्र त्वय़ा सुपरिपालितः ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति