menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवं धर्मभृतां श्रेष्ठो धर्मराजो युधिष्ठिरः |  १३   क
भ्रातृभिः सहितो धीमान्पूजय़ामास तं नृपम् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति