menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कर्णं द्वादशभिर्विद्ध्वा वृषसेनं त्रिभिः शरैः |  २९   क
शल्यस्य समरे चापं मुष्टिदेशे न्यकृन्तत ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति