menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पर्यष्वजत्ततो द्रौणिस्ताभ्यां च प्रतिनन्दितः |  १४९   क
इदं हर्षाच्च सुमहदाददे वाक्यमुत्तमम् ||  १४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति