मौसल पर्व  अध्याय ८

वैशम्पाय़न उवाच

एवमुक्तः स वीभत्सुर्मातुलेन परन्तपः |  १   क
दुर्मना दीनमनसं वसुदेवमुवाच ह ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति