मौसल पर्व  अध्याय ८

वैशम्पाय़न उवाच

सप्तमे दिवसे चैव रवौ विमल उद्गते |  १२   क
वहिर्वत्स्यामहे सर्वे सज्जीभवत माचिरम् ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति